नीचे दी गई नामावली में प्रत्येक नाम का मंत्र रूप और सरल हिंदी भावार्थ दिया गया है।
नामों के पाठ-रूप के लिए प्रचलित गणेश अष्टोत्तर शतनामावली का संदर्भ लिया गया है।
अलग-अलग परंपराओं में नामों के क्रम, पाठ और अर्थ में छोटे अंतर मिल सकते हैं।
1
गजानन
ॐ गजाननाय नमः।
हाथी के समान मुख वाले
2
गणाध्यक्ष
ॐ गणाध्यक्षाय नमः।
देवगणों के अधिपति
3
विघ्नराज
ॐ विघ्नराजाय नमः।
विघ्नों के स्वामी और उन्हें दूर करने वाले
4
विनायक
ॐ विनायकाय नमः।
मार्गदर्शक और श्रेष्ठ नायक
5
द्वैमातुर
ॐ द्वैमातुराय नमः।
दो माताओं से संबद्ध स्वरूप
6
द्विमुख
ॐ द्विमुखाय नमः।
दो मुख वाले दिव्य स्वरूप
7
प्रमुख
ॐ प्रमुखाय नमः।
सबसे प्रमुख एवं अग्रणी
8
सुमुख
ॐ सुमुखाय नमः।
सुंदर और मंगलमय मुख वाले
9
कृती
ॐ कृतिने नमः।
सृजन और कर्म में समर्थ
10
सुप्रदीप
ॐ सुप्रदीपाय नमः।
ज्ञान का प्रकाश फैलाने वाले
11
सुखनिधि
ॐ सुखनिधये नमः।
सुख और आनंद के भंडार
12
सुराध्यक्ष
ॐ सुराध्यक्षाय नमः।
देवताओं के अधिपति
13
सुरारिघ्न
ॐ सुरारिघ्नाय नमः।
देव-विरोधी शक्तियों का नाश करने वाले
14
महागणपति
ॐ महागणपतये नमः।
महान और सर्वशक्तिमान गणपति
15
मान्य
ॐ मान्याय नमः।
समस्त जगत में पूजनीय
16
महाकाल
ॐ महाकालाय नमः।
काल के भी अधिपति
17
महाबल
ॐ महाबलाय नमः।
अत्यंत शक्तिशाली
18
हेरम्ब
ॐ हेरम्बाय नमः।
माता के प्रिय पुत्र के रूप में पूजित
19
लम्बजठर
ॐ लम्बजठराय नमः।
विशाल उदर वाले
20
ह्रस्वग्रीव
ॐ ह्रस्वग्रीवाय नमः।
छोटी गर्दन वाले दिव्य स्वरूप
21
महोदर
ॐ महोदराय नमः।
विशाल उदर वाले
22
मदोत्कट
ॐ मदोत्कटाय नमः।
प्रचंड और प्रभावशाली स्वरूप
23
महावीर
ॐ महावीराय नमः।
महान वीर और पराक्रमी
24
मन्त्री
ॐ मन्त्रिणे नमः।
मंत्रों के ज्ञाता और मार्गदर्शक
25
मङ्गलस्वर
ॐ मङ्गलस्वराय नमः।
मंगलमय स्वर वाले
26
प्रमध
ॐ प्रमधाय नमः।
सृष्टि के मूल तत्त्व से संबद्ध
27
प्रथम
ॐ प्रथमाय नमः।
सर्वप्रथम पूजे जाने वाले
28
प्राज्ञ
ॐ प्राज्ञाय नमः।
अत्यंत बुद्धिमान
29
विघ्नकर्ता
ॐ विघ्नकर्त्रे नमः।
विघ्नों के नियंता
30
विघ्नहर्ता
ॐ विघ्नहर्त्रे नमः।
विघ्नों का नाश करने वाले
31
विश्वनेता
ॐ विश्वनेत्रे नमः।
संपूर्ण जगत का मार्गदर्शन करने वाले
32
विराट्पति
ॐ विराट्पतये नमः।
विराट सृष्टि के स्वामी
33
श्रीपति
ॐ श्रीपतये नमः।
श्री और सौभाग्य प्रदान करने वाले
34
वाक्पति
ॐ वाक्पतये नमः।
वाणी के स्वामी
35
शृङ्गारी
ॐ शृङ्गारिणे नमः।
सुंदर श्रृंगार से सुशोभित
36
अश्रितवत्सल
ॐ अश्रितवत्सलाय नमः।
शरणागतों पर स्नेह करने वाले
37
शिवप्रिय
ॐ शिवप्रियाय नमः।
भगवान शिव को प्रिय
38
शीघ्रकारी
ॐ शीघ्रकारिणे नमः।
शीघ्र फल देने वाले
39
शाश्वत
ॐ शाश्वताय नमः।
सनातन और अविनाशी
40
बल
ॐ बलाय नमः।
शक्ति के स्वरूप
41
बलोत्थित
ॐ बलोत्थिताय नमः।
निरंतर बढ़ती शक्ति वाले
42
भवात्मज
ॐ भवात्मजाय नमः।
शिव के पुत्र
43
पुराणपुरुष
ॐ पुराणपुरुषाय नमः।
आदि पुरुष और पुरातन ज्ञान के स्वरूप
44
पूषा
ॐ पूष्णे नमः।
जीवन का पोषण करने वाले
45
पुष्करोत्षिप्तवारी
ॐ पुष्करोत्षिप्तवारिणे नमः।
पवित्र जल और कमल से जुड़े दिव्य स्वरूप
46
अग्रगण्य
ॐ अग्रगण्याय नमः।
सर्वश्रेष्ठ और अग्रणी
47
अग्रपूज्य
ॐ अग्रपूज्याय नमः।
सबसे पहले पूजे जाने वाले
48
अग्रगामी
ॐ अग्रगामिने नमः।
आगे बढ़कर मार्ग दिखाने वाले
49
मन्त्रकृत्
ॐ मन्त्रकृते नमः।
मंत्रों के रचयिता
50
चामीकरप्रभ
ॐ चामीकरप्रभाय नमः।
स्वर्ण के समान तेजस्वी
51
सर्व
ॐ सर्वाय नमः।
संपूर्ण सृष्टि में व्याप्त
52
सर्वोपास्य
ॐ सर्वोपास्याय नमः।
सभी के लिए पूजनीय
53
सर्वकर्ता
ॐ सर्वकर्त्रे नमः।
समस्त कार्यों के कर्ता
54
सर्वनेता
ॐ सर्वनेत्रे नमः।
संपूर्ण जगत के मार्गदर्शक
55
सर्वसिद्धिप्रद
ॐ सर्वसिद्धिप्रदाय नमः।
सिद्धियां प्रदान करने वाले
56
सिद्धि
ॐ सिद्धये नमः।
सिद्ध स्वरूप
57
पञ्चहस्त
ॐ पञ्चहस्ताय नमः।
पाँच हाथों के प्रतीकात्मक स्वरूप वाले
58
पार्वतीनन्दन
ॐ पार्वतीनन्दनाय नमः।
माता पार्वती के प्रिय पुत्र
59
प्रभु
ॐ प्रभवे नमः।
समस्त जगत के आदि स्रोत
60
कुमारगुरु
ॐ कुमारगुरवे नमः।
कुमार कार्तिकेय के गुरु
61
अक्षोभ्य
ॐ अक्षोभ्याय नमः।
अविचल और अडिग
62
कुञ्जरासुरभञ्जन
ॐ कुञ्जरासुरभञ्जनाय नमः।
कुञ्जरासुर का संहार करने वाले
63
प्रमोद
ॐ प्रमोदाय नमः।
सदा आनंदित रहने वाले
64
मोदकप्रिय
ॐ मोदकप्रियाय नमः।
मोदक को प्रिय मानने वाले
65
कान्तिमान्
ॐ कान्तिमते नमः।
अद्भुत तेज से युक्त
66
धृतिमान्
ॐ धृतिमते नमः।
धैर्य और स्थिरता वाले
67
कामी
ॐ कामिने नमः।
भक्तों की कामनाएं पूर्ण करने वाले
68
कपित्थपनसप्रिय
ॐ कपित्थपनसप्रियाय नमः।
कैथा और कटहल प्रिय मानने वाले
69
ब्रह्मचारी
ॐ ब्रह्मचारिणे नमः।
ब्रह्मचर्य का पालन करने वाले
70
ब्रह्मरूपी
ॐ ब्रह्मरूपिणे नमः।
ब्रह्म स्वरूप
71
ब्रह्मविद्यादिदानभू
ॐ ब्रह्मविद्यादिदानभुवे नमः।
ब्रह्मविद्या के दाता
72
जिष्णु
ॐ जिष्णवे नमः।
विजयी स्वरूप
73
विष्णुप्रिय
ॐ विष्णुप्रियाय नमः।
भगवान विष्णु को प्रिय
74
भक्तजीवित
ॐ भक्तजीविताय नमः।
भक्तों के जीवन का आधार
75
जितमन्मथ
ॐ जितमन्मथाय नमः।
मन और इंद्रियों पर विजय पाने वाले
76
ऐश्वर्यकारण
ॐ ऐश्वर्यकारणाय नमः।
ऐश्वर्य के कारण और दाता
77
ज्यायस्
ॐ ज्यायसे नमः।
सर्वोच्च और श्रेष्ठ
78
यक्षकिन्नरसेवित
ॐ यक्षकिन्नरसेविताय नमः।
यक्ष और किन्नरों द्वारा सेवित
79
गङ्गासुत
ॐ गङ्गासुताय नमः।
गंगा से संबद्ध दिव्य स्वरूप
80
गणाधीश
ॐ गणाधीशाय नमः।
गणों के अधिपति
81
गम्भीरनिनद
ॐ गम्भीरनिनदाय नमः।
गंभीर और प्रभावशाली नाद वाले
82
वटु
ॐ वटवे नमः।
बालस्वरूप में विराजमान
83
अभीष्टवरद
ॐ अभीष्टवरदाय नमः।
मनोकामना के अनुरूप वर देने वाले
84
ज्योतिस्
ॐ ज्योतिषे नमः।
दिव्य प्रकाश और ज्योति के स्वरूप
85
भक्तनिधि
ॐ भक्तनिधये नमः।
भक्तों के लिए अमूल्य आश्रय
86
भावगम्य
ॐ भावगम्याय नमः।
भक्ति-भाव से प्राप्त होने वाले
87
मङ्गलप्रद
ॐ मङ्गलप्रदाय नमः।
मंगल और शुभता प्रदान करने वाले
88
अव्यक्त
ॐ अव्यक्ताय नमः।
अव्यक्त और सूक्ष्म स्वरूप
89
अप्राकृतपराक्रम
ॐ अप्राकृतपराक्रमाय नमः।
असाधारण पराक्रम वाले
90
सत्यधर्मी
ॐ सत्यधर्मिणे नमः।
सत्य और धर्म के पथ पर स्थित
91
सखा
ॐ सखये नमः।
भक्तों के सखा और मित्र
92
सरसाम्बुनिधि
ॐ सरसाम्बुनिधये नमः।
पवित्रता और करुणा से जुड़े दिव्य स्वरूप
93
महेश
ॐ महेशाय नमः।
महान देव और शिवपुत्र
94
दिव्याङ्ग
ॐ दिव्याङ्गाय नमः।
दिव्य अंगों से सुशोभित
95
मणिकिङ्किणीमेखल
ॐ मणिकिङ्किणीमेखलाय नमः।
रत्नजटित मेखला धारण करने वाले
96
समस्तदेवतामूर्ति
ॐ समस्तदेवतामूर्तये नमः।
सभी देवस्वरूपों का समन्वित रूप
97
सहिष्णु
ॐ सहिष्णवे नमः।
धैर्यवान और सहनशील
98
सततोत्थित
ॐ सततोत्थिताय नमः।
सदैव जागरूक और उन्नति की ओर अग्रसर
99
विघातकारी
ॐ विघातकारिणे नमः।
बाधाओं और दुष्ट योजनाओं का नाश करने वाले
100
विश्वग्दृक्
ॐ विश्वग्दृशे नमः।
समस्त विश्व पर दृष्टि रखने वाले
101
विश्वरक्षाकृत्
ॐ विश्वरक्षाकृते नमः।
संसार की रक्षा करने वाले
102
कल्याणगुरु
ॐ कल्याणगुरवे नमः।
कल्याण का मार्ग दिखाने वाले गुरु
103
उन्मत्तवेष
ॐ उन्मत्तवेषाय नमः।
आनंदमग्न और अलौकिक स्वरूप
104
अपराजित
ॐ अपराजिते नमः।
जिन्हें कोई पराजित नहीं कर सकता
105
समस्तजगदाधार
ॐ समस्तजगदाधाराय नमः।
समस्त जगत के आधार
106
सर्वैश्वर्यप्रद
ॐ सर्वैश्वर्यप्रदाय नमः।
ऐश्वर्य और समृद्धि प्रदान करने वाले
107
आक्रान्तचिदचित्प्रभु
ॐ आक्रान्तचिदचित्प्रभवे नमः।
चेतन-अचेतन जगत में व्याप्त ज्ञान-प्रकाश के स्रोत
108
श्री विघ्नेश्वर
ॐ श्री विघ्नेश्वराय नमः।
सभी विघ्नों के स्वामी और उनका नाश करने वाले